दोस्तों की पहचान
बारिशो से दोस्ती नहीं फराज ,
कच्चा तेरा माकन है .
अकेले आगे बढ़ ,
तेरे हाथो में तेरे माँ बाप की शान है .
कल तक जिसके लिए दुसरो लड़ा ,
आज वो मुझसे ही लड़ पड़ा .
उसे नहीं पता उसके बिना ,
आज अकेले हु अपने पैरो पर खड़ा .
जीने के लिए किसी का सहारा नहीं चाहिए ,
मई अकेले ही जी लूँगा .
मालूम न क्या सोचकर ,
बारिशो से दोस्ती कर लिया .
अपने हाथो से ,
अपनी राहो में काटो को भर लिया .
आज रास्तो पर चलते चलते
अपनी गलतियों पर ठोकर खाया हु .
एन जख्मो के द्वारा बहुत ज्ञान पाया हु .
तुम दोस्ती ऐसे दोस्तों से करना ,
जो ठंडी ,सुहानी हवा हो , बारिश न हो .
इनकी तरह माँ बाप होते हुए भी लावारिश न हो .
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